Total Views: 40

हिसारः गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि भारत में गणित की महान प्राचीन परंपरा है। भारत ने दुनिया को गणित की गूढ रहस्यों के समाधान से अवगत करवाया है। जीवन के हर क्षेत्र में गणित का केंद्रीय योगदान है।
प्रो. नरसीराम बिश्नोई शुक्रवार को विश्वविद्यालय के चौ. रणबीर सिंह सभागार में राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृखंला के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। गणित विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर रहे। आईआईटी रूड़की के भूकंप अभियांत्रिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एचआर वासन कार्यशाला के मुख्यवक्ता थे। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. कुलदीप बंसल ने की। कार्यशाला के संयोजक प्रो. एमके शर्मा तथा प्रो. कपिल कुमार रहे।
प्रो. नरसी राम ने महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन सहित सभी भारतीय गणितज्ञों का याद किया तथा कहा कि भारतीय गणितज्ञों ने गणित को नए अर्थ दिए हैं। हमारे मनीषियों के गणित ज्ञान के दम पर भारत विश्व गुरू कहलाता था। उन्होंने विद्यार्थियांे से कहा कि कई बार विद्यार्थी बिना समझे या अभ्यास किए ही गणित को एक मुश्किल विषय मान लेते हैं। जबकि वास्तव में गणित एक रूचिकर विषय है। उन्होंने शिक्षा नीति 2020 को गणित को बढ़ावा देनी वाली बताया। उन्होंने कहा कि कोई विद्यार्थी अन्य अधिकतर विषयों में भी केवल तभी पारंगत हो पाता है जब उसे गणित का ज्ञान हो।
कुलपति ने विद्यार्थियांे को बताया कि विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियांे की बहुमुखी प्रतिभा को मंच देने के लिए कई शार्ट टर्म कोर्स आरंभ किए हैं। विद्यार्थी इनका फायदा उठाएं। उन्होंने बताया कि नियमित कोर्सों के साथ दुरस्थ तथा ऑनलाइन माध्यम से भी विद्यार्थी कोर्स कर सकते हैं।
कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर ने अपने संबोधन में कहा कि गणित वर्तमान तकनीक को जनक है। भारत को यदि विकसित राष्ट्र बनाना है तो हमें गणित को महत्व को और अधिक समझना होगा। गणित विज्ञान, तकनीक तथा अभियांत्रिकी का स्तंभ है। स्तंभ डीन अकेडमिक अफेयर प्रो. देवेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय गणितज्ञों शून्य तथा दशमलव की खोज की दुनिया को गणित समझ आने लगी।
मुख्यवक्ता प्रो. एचआर वासन ने डिफरेयन्शियल इक्वेशन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि डिफरेयन्शियल इक्वेशन का भूकंप तथा ज्वालमुखी विस्फोट की भविष्यवाणियों में गहरा योगदान है। उन्होंने डिफरेयन्शियल इक्वेशन के सभी मुख्य बिंदुओं के बारे में विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों को अवगत करवाया।
विभागाध्यक्ष प्रो. कुलदीप बसंल ने अपने स्वागत संबोधन में विभाग की उपलब्धियों तथा कार्यक्रमांे का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि गणित दिवस के उपलक्ष्य पर कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई थी। जिसमें प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन तथा पोस्टर प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के प्रो. असीम मिगलानी, केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के प्रो. अनिल यादव तथा प्रो. राजेश गुप्ता ने भी कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित किया।
ये रहे प्रतियोगिताओं के विजेता
प्रो. कुलदीप बंसल ने बताया कि विभाग द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में सम्बद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया था। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में यूटीडी के सचिन व तरूण ने पहला, राजकीय महाविद्यालय हिसार की प्रतिभा तथा पुनिता ने दूसरा तथा ई5 महाविद्यालय गढ़ी हांसी की प्रिन्शु तथा मुन्नी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। निबंध लेखन में ई5 महाविद्यालय गढ़ी हांसी की मुन्नी ने पहला, सीआएम जाट कॉलेज की सुप्रिया ने दूसरा तथा एफजीएम राजकीय कालेज मंडी आदमपुर की दीक्षा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रदर्शनी में एजीएम राजकीय महाविद्यालय आदमपुर की ज्योति पहले, एफसी महाविद्यालय हिसार की अन्नू दूसरे तथा राजकीय महिला महाविद्यालय हिसार की ज्योल तीसरे स्थान पर रही।

Leave A Comment