Total Views: 199

प्रयागराजः कोई भी संस्थान शिक्षक, कार्मिक और विद्यार्थियों से बनता है । राजभाषा अनुभाग राजभाषा हिंदी के प्रचार- प्रसार के क्रम में अधिकारियों/कार्मिकों को प्रशिक्षण देने का कार्य लगातार कर रहा है । आज हिंदी भाषा में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं किंतु इसमें मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता है । इलाहाबाद विश्वविद्यालय का राजभाषा अनुभाग अपने विद्यार्थियों के लिए ‘हिंदी भाषा में रोजगार की संभावनाएँ’ विषय पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम नए सत्र से आयोजित करेगा।’ – ये बातें इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर नरेंद्र कुमार शुक्ला ने बतौर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में कहीं । अवसर था गांधी विचार एवं शांति अध्ययन संस्थान, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित राजभाषा कार्यान्वयन समिति की वित्त वर्ष 23-24 की चतुर्थ तिमाही की बैठक का।

राजभाषा कार्यान्वयन समिति के समन्वयक प्रोफेसर संतोष भदौरिया स्वागत वक्तव्य के साथ पिछले एक वर्ष में राजभाषा अनुभाग द्वारा किए गए कार्यों से समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों को अवगत कराया तथा नैक टीम के प्रस्तावित निरीक्षण के दृष्टिगत इलाहाबाद विश्वविद्यालय के समस्त विभागों के बोर्ड आदि पूर्ण रूप से द्विभाषी और एकरूपता में करने के साथ राजभाषा अनुभाग के प्रयास की चर्चा की । उन्होंने राजभाषा की गृह पत्रिका ‘संकल्पना’ का पांचवा अंक जो ‘महिला सशक्तिकरण’ पर केंद्रित है, उसके स्वरूप, विषयवस्तु आदि पर विस्तार से बात की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति द्वारा किए गए प्रशासनिक एवं अकादमिक उन्नयन के कार्यों को इस अंक में सम्मिलित किया जाएगा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय की अन्य महिलाएं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किये हैं और कर रही हैं उनकी उपलब्धियों को इस अंक में शामिल किया जाएगा ।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने कहा कि हमें अपने शिक्षकों, अधिकारियों/कार्मिकों और विशेष कर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित करते रहना चाहिए । चाहे वह प्रशिक्षण अनुवाद पर केंद्रित हों, हिंदी टूल्स या हिंदी टाइपिंग पर । इस तरह के सभी आयोजनों में आगामी तिमाही से चरणबद्ध रीति से विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाए।

वित्त वर्ष 23-24 की चतुर्थ तिमाही की बैठक की कार्यसूची हिंदी अधिकारी श्री प्रवीण श्रीवास्तव ने प्रस्तुत की, जिसमे मुख्यतः कार्यशालाओं का आयोजन, कार्मिको एवं छात्र-छात्राओं हेतु राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में प्लेसमेंट कार्यालय के सहयोग से कैरियर मार्गदर्शन और परामर्श कार्यक्रम का आयोजन; राजभाषा गृह पत्रिका “संकल्पना” के छठे अंक के प्रकाशन हेतु अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करना शामिल रहा । पिछली बैठक के कार्यवृत की पुष्टि के उपरान्त बिंदुवार विभिन्न मुद्दों पर उपस्थित समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपना-अपना परामर्श दिया । ‘संकल्पना’ पत्रिका के ‘पांचवें अंक’ एवं छ्ठे अंक हेतु विषय वस्तु, हिंदीतर क्षेत्र के शिक्षकों, कार्मिकों हेतु प्रबोध, प्रज्ञा, प्रवीण और पारंगत जैसी हिंदी प्रशिक्षण योजनाओं को लागू करना, केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान के साथ मिलकर विभिन्न प्रशिक्षण आयोजित करना, केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के साथ मिलकर अनुवाद कार्यशाला आयोजित करना, हिंदी से संबंधित टूल्स की जानकारी अधिकारियों/कार्मिकों को देना, हिंदी में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों पर केंद्रित विभिन्न प्रशिक्षण आयोजित करना , राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3 की उपधारा (3) के अनुरूप इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सभी विभागों के बोर्ड आदि को बनाया जाना, विद्यार्थियों को हिंदी टूल्स की जानकारी देना तथा प्रत्येक संकाय में एक संयोजक नियुक्त करना तथा उनके माध्यम से संकाय में हिंदी कार्यशाला का आयोजन करना जैसे विभिन्न मुद्दों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ ।

कार्यक्रम का संचालन राजभाषा अनुभाग के हिंदी अनुवादक श्री हरिओम कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य डॉ. दीनानाथ मौर्य ने किया । इस बैठक में समिति सदस्य प्रो. शबनम हमीद, प्रो.जया कपूर, डॉ शेफाली नंदन, डॉ. रतन कुमारी वर्मा, डॉ. नीलिमा सिंह, डॉ. शक्ति शर्मा, डॉ गायत्री सिंह, डॉ विनम्र सेन सिंह, श्री सुधाकर मिश्र, श्री ओमप्रकाश गुप्ता, श्री प्रभात मिश्र, आदि सदस्य उपस्थित रहे।

Leave A Comment