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प्रयागराजः इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के सर सुंदर लाल हॉस्टल तथा हॉलैंड हॉल हॉस्टल के अन्तःवासियों के साथ पुलिस की बर्बरता मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग के पुलिस कमिश्नर , प्रयागराज को जांच के नोटिस के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली ने भी मामले को गंभीरता से लिया है तथा पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को उचित कार्यवाही करने का आदेश जारी किया है।

ज्ञात हो कि दिनांक 01/02 जून 2024 को रात लगभग 1.30 से 05 बजे के बीच हॉलैंड हॉल हॉस्टल तथा सर सुंदर लाल हॉस्टल के बीच के परिसर में कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा झगड़ा किया गया जिसमें हदगोले आदि का शोर सुनाई दिया । इसके बाद दिनांक 02 जून 2024 को दोपहर लगभग 02 बजे थाना कर्नलगंज, प्रयागराज की पुलिस ने छापा मारा तथा दोपहर 12 बजे से 02 बजे तक हॉलैंड हॉल हॉस्टल और 02 बजे से लगभग 05 बजे तक पुलिस सर सुंदर लाल छात्रावास में मौजूद रही।

चूंकि यह रविवार का दिन था और दोपहर का समय था । इसलिए अधिकतर छात्र अपने अपने कमरों में या तो अध्ययन कर रहे थे या आराम कर रहे थे । ऐसे में भारी पुलिस बल ने सीओ , कर्नलगंज राजीव यादव के साथ छात्रावास में प्रवेश किया जिनमें से कुछ पुलिस कर्मियों के नेमप्लेट पर हरि सिंह , प्रदीप कुमार सिंह , ताराचंद आदि नाम अंकित थे।

उक्त पुलिस बल ने प्रत्येक कमरे से एक एक छात्र को जबर्दस्ती पकड़कर बाहर लाना शुरू कर दिया तथा कॉमन हॉल में ले जाकर सबको इकट्ठा करके पहले मुर्गा बनाया और फिर हाथ ऊपर करके खड़ा कर दिया । इसके बाद बुरी तरह डंडों और बंदूकों के बटों से पिटाई शुरू कर दी।

शुरू में छात्रों को उनकी गलती नहीं बताई गई लेकिन बाद में प्रश्न पूछते हुए कहा गया कि कल जो घटना हुई उसमें तुम लोग ही थे न ? छात्रों ने इसका विरोध किया तो सीओ, राजीव यादव ने उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने और कैरियर खत्म करने की धमकी भी दी । ठीक यही प्रक्रिया दोपहर 02 बजे 05 बजे तक सर सुंदर लाल छात्रावास में अपनायी गयी और छात्रों को हॉस्टल के कॉमन हॉल में बंद करके मारा पीटा गया।

इस तरह से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा छात्रों पर अमानवीय ढंग से लाठी चार्ज ब दुर्व्यवहार से छात्रों के मन मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ा तथा उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव से कानूनी मदद मांगी । जिस पर संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता ने मामला राज्य मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराया । राज्य मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश दिए लेकिन मामले से जुड़े पुलिस कर्मी अधिवक्ता तथा छात्रों पर अलग अलग स्तर से शिकायत वापस करने की पैरवी कराने लगे।

इसके बाद छात्रों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग , नई दिल्ली में भी शिकायत की । शिकायत का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर , प्रयागराज को कार्यवाही के आदेश दिए हैं । छात्रों का कहना है कि उन्हें आयोग व न्यायालय पर पूरा भरोसा है कि उनके साथ न्याय होगा तथा छात्रावासों में पुलिस द्वारा बार बार होने वाले उत्पीड़न बंद होंगे।

छात्र आयोग की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं तथा वह जल्द ही इस तरह की पुलिस की बर्बर कार्यवाही का मामला माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी रखेंगे।
प्रेषक
डॉ गजेंद्र सिंह यादव
एडवोकेट, हाई कोर्ट, इलाहाबाद

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