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वरिष्ठ महिला पत्रकार गीता वर्मा ने योगी बाबा को लिखी चिट्ठीः
मैं उत्तर प्रदेश के जिले आजमगढ़ की रहने वाली हूँ। मैं पेशे से एक पत्रकार हूँ और 25 साल से पंजाब केसरी, आल इंडिया रेडियो, दैनिक भास्कर के साथ काम किया है। वर्तमान में अपना न्यूज़ चैनल -telescope TV, न्यूज़ वेबसाइट telescope TIMES चला रही हूँ।
मैंने चार साल DAV UNIVERSITY JALANDHAR/PUNJAB TECHNICAL UNIVERSITY KAPURTHALA में as Assistant professor पढ़ाया है .
सर मेरी आपसे प्रार्थना है, थाना रौनापार के SHO, गांव बाढ़ुपुरा के प्रधान उमेश यादव (94536 28300) से कह दीजिये की मेरे पापा को परेशान न करें, वो दिल के मरीज हैं.
सर, बात ऐसी है-रोजी -रोटी के लिए हम चार भाई -बहन और मेरे पिता UdayRaj पंजाब के जालंधर में रह रहे हैं। मेरे पिता जी पंजाब में सरकारी नौकरी में थे और ताउम्र वे पैसे गांव भेजते रहे। हमारा पेट काट काट कर गांव बाढू के पुरा में जमीन खरीदी। घर बनवाये। ट्रेक्टर ट्राली -गाड़ी सब लेकर दी. हम शहर में तंगी में रहे और किराये के मकान में भी. तंगी के चलते माता जी को कैंसर हुआ और वो 39  साल की उम्र में चल बसीं।
अब पापा 75 साल के हैं और गांव में रह रहे हैं. उनको एक बार MAJOR हार्ट अटैक और एक बार MINOR हार्ट अटैक आ चुका है .शहर में थे तो बच गए। उनका अचानक इस तरह से घर आकर रहना मेरे चाचा DOODHNATH SINGH, चाची KADMI,और उनको बच्चों BRAJESH, RAVI को ठीक नहीं लगा. मेरे एक बड़े भाई KAMLESH भी गांव में ही रहते हैं लेकिन चाचा जी ने उसको कभी अनाज नहीं दिया . उसके चार बच्चे और भाई खुद मज़दूरी करके पेट भरते हैं . जब हमने इस पर एतराज़ जताया तो चाचा की फेमिली को तकलीफ हो रही है। सारी उम्र पिता जी को झूठ बोलकर भाई के खिलाफ भड़काते रहे.
पिता जी ने जो भी जमीन खरीदी उसको सब भाइयोंके नाम लिखवाया क्योंकि उनके मन में कोई चोर नहीं था चाचा जी ने एक ट्रेक्टर ट्राली और गाड़ी बेची और उसके पैसे खा गए .40 साल से अनाज बेच रहे हैं लेकिन उसका कोई हिसाब नहीं दिया .हमने जब हिसाब माँगा तो थाना रौनापार से पुलिस बुला ली और अकेले पाकर मेरे पापा को धमकाया .उनकी तबियत बिगड़ गयी थी . पुलिस ने शिकायत की कॉपी हमें नहीं दी .
इससे पहले एक बार चाचा दूधनाथ सिंह, उनके बेटे ब्रजेश , रवि, पत्नी कदमी और बेटी ने मिल कर मेरे भाई को बहुत पीटा था . तब ब्रजेश का फ़ोन आया था की भाई ने अगर केस करवा दिया तो में विदेश नहीं जा पाउँगा .तब भी मैंने बात संभाली थी .
गांव के प्रधान उमेश यादव (94536 28300)से मेरी साफ़ शब्दों में बात हुई थी की हमारे आने तक पिता जी से किसी की कोई बात नहीं होगी. हमारे बच्चों के बोर्ड के पेपर चल रहे हैं. लेकिन उसने भी एक नहीं सुनी और सबको लेकर बात करने बैठ गया .मेरे पिता जी पढ़ लिख नहीं सकते लेकिन इन लोगों ने उनको बीमार हालत में उनसे अपनी शर्तों पर साइन करवा लिए हैं, हमने उनके पैसे देने हैं.
कृपया मामले में दखल दें कि जब तक हम नहीं आ जाते मेरे पिता जी से कोई किसी तरह की बात नहीं करेगा.

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